Safar

Safar

इस दुनिया की रफ़्तार से दूर एक रूहानी सफ़र पर निकल पड़ा मै । अपने आप को जीने, इस चकाचौन्ध से भरी दुनिया से दूर जहाँ में अपने आप को जान पाउ । इस सफ़र में अहसास हुआ की मैं अपने आप से मिल पाया । इस सफ़र से मेने पाया की मेरे लहजे में बदलाब आया। इस सफ़र ने सुकून का एहसास कराया। यह मेरी ज़िन्दगी का ख़्वाब सा है। इस सफ़र में नए लोगो से मुख़ातिब होने का मौका मिला ।

ज़िन्दगी काँटों का सफ़र है, होंसला इसकी पहचान है। रस्ते पर तो सभी चलते है, जो रस्ते खुद बनाए वही से उसकी सफ़र की शुरुआत होती है। जीवन एक अंनंत सफ़र है ।

ये सफ़र इतना लंबा है, अगर पहला कदम उठा लिया तो कदम चलता ही जाता है और सारी दुरिया-करीबियां आपके कदमो में समाकर पीछे छूट जाती है और पता भी नहीं चलता है इसलिए मेरा अब तक का तजुर्बा यही कहता है, की ज़िन्दगी एक सफ़र है और यहाँ क्या हो किसने जाना ।।

Anish Shekhar
BJMC 1st year